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0.1 — इन Tutorials का एक परिचय

आपका स्वागत है!

Learn C++ का हिंदी संस्करण आपका स्वागत करता है! इस वेबसाइट का मूल उद्देश्य C++ को सीखने में आसान बनाना है । कई दूसरी किताबों और websites से अलग, ये tutorials आपसे programming में किसी तरह के पूर्व अनुभव की अपेक्षा नहीं रखते । जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते जाओगे, हम आपको वो सबकुछ सिखाते जायेंगे जिसकी आपको ज़रूरत है, वो भी ढेर सारे examples के साथ । C++ सीखना आपका शौक हो, या फिर आप कॉलेज लेवल कोर्स से आगे बढ़ना चाहते हों, ऐसी सभी जरूरतों के लिए Learn C++ एक बहुत ही अच्छा विकल्प है ।

इन Tutorials की बनावट

Tutorial के इस introductory chapter में आपको C++ से जुड़े कुछ सवालों जैसे, C++ क्या है, ये पहचान में कैसे आया, programs काम कैसे करते हैं और आपको programs बनाने के लिए किन softwares की ज़रूरत पड़ेगी, इन सबके जवाब मिलेंगे । आप कुछ ही समय में अपना पहला program भी लिखोगे । आगे के chapters C++ के अलग-अलग भागों को गहरायी से जानने में सहायता करेंगे । पहले chapter में (chapter 1), आपको C++ language के कई सारे fundamental concepts की एक ऊपरी झलक दिखेगी । आगे के chapters उन्हीं concepts को विस्तार से जानने में मदद करेंगे, या फिर कुछ नए concepts से आपका परिचय कराएँगे ।

हर एक chapter C++ के किसी एक feature पर आधारित है और इसके अंदर आने वाले सारे sections इसी के concepts और rules के विस्तृत अध्ययन के लिए बनाये गए हैं ।आपको किसी एक topic को कितना समय देना चाहिये, इसका कोई सुझाव नहीं दिया जा सकता । हमारे अनुसार अगले section की ओर बढ़ने का सबसे सही समय वही है, जब आप पिछले सभी sections में बताये गए concepts को clear कर चुके हों । क्योंकि सारे sections इससे पीछे दिए गए sections के आधार पर बनाये गए हैं, इसलिए सभी को लगभग ठीक तरह से समझकर आगे बढ़ना बेहतर होगा ।

यदि आपको कुछ समझने में दिक्कतें आ रहीं हैं, तो article के निचे दिए comments को ध्यान से पढ़ें । हो सकता है दूसरे readers को भी उसी confusion का सामना करना पड़ा हो और उन्होंने इसे दूर करने के लिए अपना comment डाल दिया है । यदि concepts को समझने में दिक्कतें आ रहीं हैं तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं, उसे वहीँ छोड़कर आगे बढ़ जायें और कुछ समय बाद वापस इसे समझने की कोशिश करें । आगे जाकर आप कई और उदाहरणों से मिलेंगे जिससे संभव है की पिछली छूटी हुई चीजें आपको समझ आने लगे ।

इन Tutorials का लक्ष्य

शुरुआत करने से पहले, आइये इस tutorial के कुछ उपयोगों पर नज़र डालेँ:

  • C++ के साथ-साथ programming methods को cover करना: किताबें किसी दिए गए programming language को समझने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं, पर वे अक्सर language के कुछ ज़रूरी तथ्यों को cover नहीं करतीं । Example के तौर पर, कुछ किताबें बेहतर programs लिखने के लिए ज़रूरी styles, programming में होने वाली मामूली गलतियों, Debug करने के तरीकों और कुछ अच्छी या बुरी programming techniques के बीच अंतर दिखाने में असफल हो सकती हैं । फलस्वरूप, जब आप उस किताब को पूरी तरह से पढ़ लोगे, आपको समझ आ चूका होगा की किसी दिए गए language में programs कैसे लिखे जाएँ, लेकिन आपमें programming से सम्बंधित कई बुरी आदतें आ जाएँगी जो आगे चलकर मुश्किलें पैदा कर सकती हैं । इन tutorials का एक प्रमुख लक्ष्य इन्हीं छोटी-छोटी बातों को अच्छी तरह से समझाना और अच्छी-बुरी programming techniques के बीच के अंतर को बेहतर तरीके से पेश करना है, ताकि programmers, programming संबंधी किसी बुरी आदत का शिकार ना हो जाएँ । इन tutorials को पूरा कर लेने के बाद आप न केवल ये सीखेंगे की programs को कैसे लिखा जाना चाहिए, बल्कि आपको ये भी पता चलेगा की programs को कैसे नहीं लिखा जाना चाहिए ।
  • कई lesson/sections के अंत में कुछ exercises दिए गए हैं जिसे solve कर आप खुद को test कर सकते हो । फिर आप अपने solutions के साथ हमारे solutions को match कर ये देख सकते हो की हमारे solution में क्या अलग तरीके से किया गया है, या फिर, यदि आप problems को solve करते हुए किसी जगह अटक गए हो, तो पिछले sections में जाकर उन topics पर focus करो जो आपके लिए पूरी तरह से clear नहीं हैं ।
  • और आखिर में, सबसे ज़रूरी ये है की आपको programming करते वक़्त मज़ा आना चाहिए। Programming काफ़ी दिलचस्प हो सकता है और यदि आपको programming में मज़ा नहीं आ रहा, तो शायद आपको programming कुछ खास पसंद नहीं । संभव है की आप programmer नहीं बनना चाहते । थके-हारे programmers अक्सर गलतियाँ करते हैं और codes को debug करने में उन्हें अच्छी तरह से लिखने से भी ज़्यादा वक़्त लग सकता है । हाँ, यदि आप थक जाने पर एक गहरी नींद लेते हो और फिर अगले दिन से शुरुआत करते हो, तो आप अपना काफी सारा समय बचा सकते हो ।

इन Tutorials में से ज्यादा-से-ज्यादा हासिल करना

जैसे-जैसे आप tutorial में आगे बढ़ते हो, हमारी सलाह है की नीचे दिए गए कुछ तरीकों को अपनायें ताकि आप इस website से ज़्यादा-से-ज़्यादा सीख सकें:

  • Code Examples को copy-paste करने के बजाय अपने हाथों से type तथा compile करें । इस तरह से आप ये सीख पाओगे की आपसे गलतियाँ कहाँ होती हैं, साथ ही आपको compiler warnings और errors को समझने का भी मौका मिलेगा । जब आप codes को type कर रहें हों, तो ज़रा सोचिये की code की उस line का वहाँ होना क्यों ज़रूरी है । यदि उस line को हटा दिया जाये तो results में कौन-कौन से बदलाव आएंगे ।
  • यदि आपको अपने program में कोई खराबी नज़र आ गयी है, तो उन्हें fix कीजिये । दूसरों से मदद लेने से पहले अपने problems को खुद solve करने की कोशिश करें ।
  • Code Examples पर जितना हो सके अपने प्रयोग आज़मायें । दिए गए number या text को बदलकर फिर results देखें और जो बदलाव आया है, उसे पहचानने की कोशिश करें । Program में बदलाव कर इससे कुछ नया करने की कोशिश करें (उदाहरणस्वरूप : यदि program किन्हीं दो numbers को जोड़ने के लिए लिखा गया है, तो इसे अपने अनुसार modify कर इससे तीन numbers को जोड़ने की कोशिश करें) । Programs को बीच में रोकने या तोड़ने के लिए अलग तरीके खोजें, यदि program user-input पर आधारित है तो program को ब्रेक करने के लिए विभिन्न inputs को अपनाकर देखें । आप जितना examples को follow करते हुए सीखोगे, उतना ही उन्हें modify करके भी सीख पाओगे ।
  • आपने पिछले sections में जो कुछ भी सीखा, उन concepts का इस्तेमाल कर ख़ुद से कुछ नए programs design करने की कोशिश करें । ध्यान रहे, practice से बेहतर और कुछ भी नहीं ।
  • जब आपके programs आपके सोचे अनुसार काम ना कर रहें हों, तो उन्हें debug करना सीखें । आगे चलकर हम जानेंगे की programs को किस तरह से debug किया जा सकता है ।

Note: Tutorial में दिए गए ज़्यादातर examples इनके पूर्ण रूप में दिए गए हैं, जिसे आप बिना edit किये compile और run कर सकते हो । फिर भी, कुछ exapmles, codes के “snippets” यानि programs के टुकड़ों की तरह दिए गए हैं । इन “snippets” का उपयोग छोटी-छोटी चीजों को दर्शाने में किया गया है और क्योंकि ये snippets पूरी तरह से लिखे गए programs नहीं हैं, वे बिना modification के compile नहीं होंगे । यदि आप चाहो तो इन snippets को edit कर पूरे programs में बदल सकते हो ।

क्या ये site PDF में उपलब्ध है ?

दुर्भाग्यवश, इस समय इसका जवाब “ना” है । ये वेबसाइट हर किसी के लिए मुफ़्त है, क्योंकि site विज्ञापन-प्रायोजित है । निश्चय ही ऐसी किसी वेबसाइट मॉडल का कोई PDF संस्करण नहीं लाया जा सकता । आपको इस वेबसाइट के pages को PDF में convert करने की अनुमति है यदि आप इसे केवल अपने तक सिमित रखते हैं, ना की दूसरों को इससे लाभ लेने देते हैं ।

मुझे मेरे सवालों का जवाब कहाँ मिलेगा ?

आप जैसे-जैसे नए topics पर आगे बढ़ोगे, आपके मन में ज़रूर कुछ न कुछ सवाल आएंगे, या फिर आपको आपके programs से कुछ ऐसे results मिलेंगे, जिसकी आपको उम्मीद ही ना हो । ऐसे cases में कुछ website, जो विशेष रूप से programming संबंधी सवाल-ज़वाब के लिए design किये गए हैं (जैसे की Stack Overflow), आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं ।

ये Tutorials 2007 में लिखे गए हैँ, क्या ये अभी भी उपयोगी हैं ?

जी हाँ, बिलकुल । C++ में बहुत जल्द बदलाव नहीं आता, और ये वेबसाइट C++ में आये नए-नए बदलावों के आधार पर कुछ नए articles जोड़ती है, या पहले से मौजूद articles का update प्रस्तुत करती है ।

चलिए, अब tutorial में आगे बढ़ते हैं ।

0.2 -- Programming language का एक परिचय
Index
0.0 -- हिन्दी संस्करण का एक परिचय

1 comment to 0.1 — इन Tutorials का एक परिचय

  • Gurjeet singh

    Thanks sir. Mai kafi time se c++ sikhna chahta Tha but Sikh nai paeya.1-2 institute mai bhi geya but kuch pale nai PDA WO starting se nai sikhate the jinko c++ ke  bare me kuch pta tha  WO hi samj pate the……..and yaha she kafi help mil ri h or sab samj me bhi aa RHA h ….thanks

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